​लाइन का महत्व !

आजकल वो दौर है जब सबसे ज्यादा अहमियत ‘लाइन’ की है ।चाहे वो एटीएम की लाइन हो या बैंक में पैसे निकालने या जमा करने की लाइन हो और सबसे महत्त्वपूर्ण बात ये है कि हम भारतीयों का सबसे अच्छा टाइम पास या शग़ल है लाइन में लगना ।
हम कभी फ्री के चक्कर में तो कभी तथाकथित देश निर्माण के लिए लाइन में लगते रहे हैं। जब से जिओ सिम आयी है तब से लाइनों का जैसे अम्बार लग गया । पहले जिओ , फिर पैसे जमा कराने, फिर उन्ही पैसों को एटीएम या बैंक से निकलवाने, फिर रही सही कसर यूपी चुनाव ने पूरी कर दी । अभी ताजा उदाहरण सुप्रीमकोर्ट का वो निर्णय जिसमें बस-।।। इंजन को बंद कर दिया । हमारे लिए एक और मौका बन गया लाइन में लगने का, जिस गाड़ी को बैन कर दिया उसी को कुछ रुपयों के ऑफर के चक्कर मे हम एक बार फिर लाइन में लग गए । डीलर्स भी सोच रहे होंगे कि हमारी हालात सब्जी मंडी से भी गयी गुजरी हो गयी हैं ।

हमारे देश मे सरकारों की लोकप्रियता का भी यही पैमाना है कि वो जनता को कितनी बार लाइन में लगा पाते हैं । नेता भी इसी उपलब्धि पर वोट मांगते हैं, उन्हें गर्व होता हैं कि हमने लोगो को काम पर लगाया है वो भी लाइन में लगने का ।

वैसे सुप्रीम कोर्ट के निर्देश में पर्यावरण का जिक्र किया गया है, हम पर्यावरण के बारे में उतना ही समझते हैं जितना हरियाणा/दिल्ली एनसीआर के लोग नंबर प्लेट के बारे में,   यूपी के लोग कानून व्यवस्था के बारे में, मप्र के लोग प्रतियोगिता परीक्षा के बारे में और गुजरात के लोग शराब के बारे में । बाकी सब अच्छा चल रहा हैं और खैर मनाइये आप भी लाइन में खड़े होकर ये पढ़ रहे है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: