​सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला – सोनी मैक्स पर सूर्यवंशम के प्रसारण पर रोक !

 

आज सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला देते हुए सोनी मैक्स चैनल पर सूर्यवंशम फ़िल्म के प्रसारण पर अस्थायी रोक लगा दी, इस फैसले से जहाँ कई लोग खुशियों के लड्डू बाँट रहे है तो कुछ लोग मायूस भी हो गए ।

जब हमने एक गृहणी से इस के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि “सूर्यवंशम एक फ़िल्म न होकर हमारी दिनचर्या का हिस्सा है, कब बाल धोने है, गुड्डू को कब ट्यूशन भेजना है , कपड़े कब लांड्री पर देने है, गमले में पानी कब डालना है , इन सारे कार्य के लिए हमे रिमाइंडर की जरूरत नहीं पड़ती है, जब भी मैक्स पर यह फ़िल्म आ रही होती है तो मुझे तुरंत सारे भूले हुए काम याद आ जाते है जिससे हमारे घर मे सुख शांति भी बनी रहती है  लेकिन अब क्या होगा कोई भरोसा नही है । सरकार को इस निर्णय को एक बार आम गृहणी के हित में बदल देना चाहिए ।” बेलन मार के गुड्डू को ट्यूशन भेजती हुई वो चिल्ला उठी ।

इस बैन के बाद सास-बहू के झगड़ो में आकस्मिक वृद्धि देखने को मिली , इस पर महिला आयोग ने पहली बार चाय समोसे के अलावा स्वतः संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार से गुजारिश की है  कि इस बैन को जल्द से जल्द हटाये जिससे कि समाज मे महिलाओं को उनके अधिकार मिल सके ।

इस निर्णय पर युगपुरुष केजरीवाल जी ने ट्वीट करके बताया कि ” भले ही दिल्ली में फ्री wi-fi मिले या न मिले पर सूर्यवंशम फ़िल्म का फर्स्ट डे फर्स्ट शो देखकर फ़िल्म रिव्यु ने देने का मलाल उन्हें ज़िंदगी भर रहेगा।”

जब हमने कॉलेज जा रहे मोंटू उर्फ मोंटी से इस बारे में बात की तो वो हमारे सूत्र के साथ सेल्फी लेने के बाद बोला ” इस हीरा ठाकुर ने तो जीना मुहाल कर रखा था घर मे, इंग्लिश प्रीमियर लीग देखो तो समस्या, एक आध बैक आ जाये सेमेस्टर में तो दिक्कत, गर्लफ्रैंड डिच कर दे तो इसयू, सब बस उसी का एग्जामपल देते है कि सीख उससे कुछ, यू नो ! पापा तो मुझे घर पर हीरा, हीरा बुलाना शुरू भी कर चुके थे लेकिन थैंक गॉड फाइनली मेरी लाइफ में कुछ अच्छा हो रहा है, अब कम से कम उस हीरा ठाकुर से कंपेरीज़न तो नही होगा ।” इसी के साथ उसने सेल्फी स्नैपचैट पर #feelingGood हैशटैग के साथ पोस्ट कर दी ।

जब हमने ओला के सीईओ भाविश अग्रवाल से इस बारे में बात की तो वो बड़े भावुक हो गए और सुनाने लगे -“पापा बताते हैं कि  मैं जब पहली बार स्कूल जा रहा था तभी ये फ़िल्म रिलीज हुए थी तो हम सब ने फर्स्ट डे फर्स्ट शो पूरे परिवार के साथ देखी , तभी से मेंने ठान लिया कि मुझे भी हीरा ठाकुर जैसा ही कुछ करना है जीवन में। फिर समय समय पर मैक्स मेरे सपने के बारे में याद दिलाता रहता था, ये आईआईटी तो बस टाइम पास के लिए गया था बनना तो मुझे ट्रेवल एजेंट ही था और आज आप सब के सामने ‘ओला’ है, ये कहते कहते भाविश भावनाओं में बहकर रोने लग गए । ताजा जानकारी के अनुसार सूर्यवंशम फ़िल्म के दीवानों के लिए ओला ने स्पेशल ऑफर निकला है जिसमे पूरे परिवार के साथ किसी भी नज़दीकी हॉस्पिटल के उदघाटन में जाने के लिए कोई पैसा नही देना पड़ेगा । ये ओला का  सूर्यवंशम ट्रिब्यूट ऑफर है।

डॉ ग्यारसी लाल जो कि एक कोचिंग संस्थान चलाते हैं वो इस निर्णय से बहुत खफा हैं , उनके अनुसार – “मेरे संस्थान का अभी तक शत प्रतिशत रिजल्ट रहता है क्योंकि जो भो स्टूडेंट पढ़ाई में ध्यान नही देता है, उसे सूर्यवंशम फ़िल्म का स्पेशल शो दिखाने की धमकी दी जाती है और बच्चे उसी खौफ से गणित जैसे विषय को बड़ी आसानी से पास कर लेते है।”

अब जब सूर्यवंशम उपलब्ध नही है तो डॉ साहब ने अपने संस्थान को बचाने के लिए आगे की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है वो बताते है कि -“जो खौफ सूर्यवंशम का बच्चों में था वो तो अब नही हो सकता लेकिन हम ‘हिम्मतवाला’, ‘दिलवाले’ और ‘तीस मार खां’ से इस नुकसान की भरपाई करने की कोशिश करेंगे ।

जब हमारे सूत्र ने सदी के महानायक अमिताभ बच्चन से इस बारे में बात की तो वो थोड़े मायूस नजर आ रहे थे उन्होंने कहा – “देखो सूर्यवंशम से मेरे घर का चूल्हा जल रहा है, परिवार पालने के लिए एक ही फ़िल्म में दो दो रोल करने पड़ रहे है। अभिषेक का तो पता ही है आपको , साहबज़ादे को कबड्डी का शौक लगा है इस उम्र में, जब कमाने का समय है तो वो टाइम पास कर रहे है।  जितनी उसकी टीम पूरे साल दो सीजन खेल कर कमाती है उतना तो पवन नेगी ने पिछले आईपीएल सीजन में कमा लिये, अब कौन समझाए इनको  कि उनकी कमाई से तो बहू के महीने का मेक अप का सामान नही आता है।” अब रिटायरमेंट की उम्र में भी काम न करूं तो क्या करूँ।”ये कहते कहते रुआंसे हो गए और हमारे सूत्र ने भी पतली गली से निकलने में ही अपनी भलाई समझी ।

अभी अभी सूत्रों से पता चला है कि रामपुर में हॉस्पिटल का उदघाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस बारे में बात की, उनके अनुसार “भाइयो, बहनों ! हीरा ‘भाई’ ठाकुर एक फ़िल्म चरित्र ही न होकर प्रेरणा स्त्रोत है, उनके जीवन के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए । वो हमारी कई योजनाओ जैसे स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया के अघोषित ब्राण्ड एम्ब्सेडर थे । मै लोकसभा अध्यक्षा से निवेदन करूँगा कि ‘दंगल’ के बाद ‘सूर्यवंशम’ का भी माननीय सांसदों के लिए संसद भवन में स्पेशल स्क्रीनिंग रखें।”

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