हिंदुस्थान नजर नही आता !

इंसान तो दिखता है पर ईमान नजर नहीं आता 

दुश्मन को जला दे वो हनुमान नजर नहीं आता ,
किस पर अभिमान करुँ, मेरा हिन्दुस्तान नजर नहीं आता  ।। 


उत्तर में हिमालय रोता पश्चिम का गुजरात जहर उगलता 

पूर्व में नक्सलवाद दक्षिण में माओवाद नजर आता ,
हर वस्तु में मिलावट आज इंसान पानी का दूध बनाता 
रिश्वत का बोलबाला हे कोई इसको मिटाने वाला नजर नहीं आता 
किस पर अभिमान करुँ, मेरा हिन्दुस्तान नजर नहीं आता  ।। 


गाँधी नेहरू और पटेल के आदर्शों को तो हम गवां बैठे 

भगतसिंह जैसे वीरों की कुर्बानी को भी हम भूला बैठे 
आजादी के सपनों को  तो धूल में मिला दिया हमनें 
तुच्छ स्वार्थ की खातिर देश से गद्दारी कर दी हमने 
अब तो हर जगह जनरल डायर नजर आता 
किस पर अभिमान करुँ, मेरा हिन्दुस्तान नजर नहीं आता  ।। 


अब हम भारतीय हैं पर अपने भाई या भारत के नहीं 

हम मानव तो हैं परन्तु अपने आदर्श मानवता के नहीं 
नार से जो नारी बना उस पर क्या अभिमान करुँ 
मेरा प्यारा तो हिन्दुस्तान था भारत पर क्या अभिमान करूँ 
आज मुझे कोई देश भक्त नजर नहीं आता 
किस पर अभिमान करुँ, मेरा हिन्दुस्तान नजर नहीं आता  ।।


नेता जी सी बोली कहाँ अब आजाद सी गोली कहाँ 

वो खून वाली होली कहाँ अब देश भक्तों की चोली कहाँ 
झांसी वाली कहानी कहाँ अब भगतसिंह सी जवानी कहाँ 
करुँ मेँ भारत माता का श्रृंगार अक्षर और रोली कहाँ 
आज मुझे कहीं पर भी वन्देमातरम का गान नजर नहीं आता 
किस पर अभिमान करुँ, मेरा हिन्दुस्तान नजर नहीं आता  ।।

 

9 thoughts on “हिंदुस्थान नजर नही आता !

    • May 11, 2017 at 5:17 pm
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      धन्यवाद !

      आजकल की परिस्थितियों में सारे देश अपने देश को प्राथमिकता दे रहे हैं , अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, ब्रिटेन के उदाहरण हमारे सामने हैं। पता नही कब भारत भी ‘इंडिया फर्स्ट पोलिसी’ पर काम शुरू करेगा ?

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      • May 11, 2017 at 5:32 pm
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        इस तरह की पोस्ट लिखते रहिए। बस हिंदुस्तान ही बनेगा।

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        • May 11, 2017 at 5:37 pm
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          जी जरूर,
          आप जैसे रीडर्स का सहयोग मिलता रहेगा तो इस देश की दशा और दिशा दोनों बदलने की कोशिश करते रहेंगें।

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      • May 11, 2017 at 5:36 pm
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        भारत की वो जनता जो सरकारी व गैर सरकारी स्कूल की मेहरबानी पर है वो तो 9कक्षा में आने के बाद भी हिन्दी नहीं पढ़ पाती, वो तो इस सरकार के आने से जानने लगी है कि हमारा भला कौन कर रहा है?

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        • May 11, 2017 at 5:41 pm
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          बात यहाँ सरकारों की नही लोगो की नियत का है क्योंकि हिंदी तो इस देश मे कब से इस्तेमाल हो रही है लेकिन कुछ तथाकथित बुद्धिजीवियों ने इसे हाशिये पर डालने की जरूर कोशिश की हैं।

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    • May 12, 2017 at 8:08 am
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      धन्यवाद !
      आप ऐसे ही हौसला अफजाई करते रहिये, मिलकर देश बदलने की कोशिश करते रहेंगें।

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  • Pingback: कश्मीर की पुकार | Jagdish Jat

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