एक लीडर के गुण (Leaders Quality) !

आज ही इंटरनेट पर ब्राउज़िंग करते समय इस फोटो पर नजर पड़ी तो लीडर के गुणों (Leaders Quality) को जानकर दिल प्रसन्न हो गया, सोचा कि क्यों न इसको सब के साथ शेयर किया जाए। ये अंग्रेजी भाषा मे है और मैने हिंदी में अनुवाद करने की कोशिश की है, उम्मीद है आपको भी ये पसंद आएगा।

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अनुवाद 

शुरू के जो तीन भेड़िये है वो सबसे ज्यादा उम्रदराज और अनुभवी होते है जो पूरे ग्रुप के सफर की गति को नियंत्रित करते है और अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए पूरे ग्रुप का ध्यान रखते है।

अगले पांच भेड़िये ग्रुप के सबसे ताकतवर और मजबूत भेड़िये होते है जो आगे से होने वाले किसी भी आक्रमण या खतरे से रक्षा करने के लिए रहते है।

बीच मे मादा भेड़िये और शिशु भेड़ियों के साथ बाकी सब भेड़िये रहते है जो उस ग्रुप का हिस्सा होते है और आगे जाने वाले भेड़ियों को फॉलो करते है।

ठीक उसके बाद पांच और ताकतवर और मजबूत भेड़िये का समूह होता है जो पीछे से होने वाले आक्रमण या खतरे से ग्रुप को बचाता है।

सबसे पीछे लीडर भेड़िया होता है जो सबसे ताकतवर और समझदार होता है तथा वो ध्यान रखता है कि पीछे कोई ग्रुप से छूट तो नही गया है और चारो तरफ से आने वाले खतरे के लिए तैयार रहता है।
ये फोटो इसलिए अच्छी लगी है क्योंकि लीडर हमेशा सब का ध्यान रखता है और सब के पीछे का सपोर्ट सिस्टम होता है और बाकी टीम या ग्रुप के लोगो को प्रोत्साहित करता है , यही एक अच्छे लीडर के गुण है । मुग़लों की युद्ध कलां में भी इसकी छवि देखने को मिलती हैं क्योंकि अगर लीडर जीवित रहेगा तो अंतिम सैनिक तक युद्ध लड़ा जा सकता है।

उम्मीद है आप भी इस कला में जानकर आश्चर्य में पड़ गए होंगे, अगर अच्छा लगे तो like एंड शेयर जरूर करे।

Copyright © 2017 – Jagdish Jat

8 thoughts on “एक लीडर के गुण (Leaders Quality) !

    • May 21, 2017 at 8:08 am
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      धन्यवाद !
      अन्य पोस्ट पर भी राय जरूर देवे ।

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  • May 21, 2017 at 8:26 am
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    अच्छी जानकारी है. मनोविज्ञान में quality n types of leadership पढाया जाता है और पशुओं में यह स्वभाविक रुप से और ईमानदारी भरा होता है.

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    • May 21, 2017 at 9:08 am
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      पशुओं को अपने survival के लिए ये जरूरी भी होता है और कोशिश ईमानदारी से न हो तो उनको जान से भी हाथ धोना पड़ सकता हैं, यही चीज़ उनमे मानवों से अलग हैं।

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      • May 21, 2017 at 9:17 am
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        हाँ , पर काश मनुष्यों में भी उतनी ही ईमानदारी होती.

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        • May 21, 2017 at 9:49 am
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          है तो सही , ईमानदारी के नाम पर दिल्ली में सरकारे चल रही हैं। 😊

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