सचिन सचिन …

बाईस गज के संत को सलाम,
त्याग और परिश्रम की पराकाष्ठा को सलाम ।

शिवाजी पार्क और वानखेड़े के लाडले को सलाम,

अंत तक लड़ने और हार न मानने के जज्बे को सलाम।।

   

1998/99 में शारजाह के शतकों को सलाम,

2003 वर्ल्ड कप के गोल्डन बैट विनर को सलाम ।

2007 वर्ल्ड कप की मायूसी के बाद उबरने को सलाम,

2011 वर्ल्ड कप के सपने के साकार होने को सलाम।।

   

ब्रेडमैन के समकक्ष को सलाम,

मास्टर ब्लास्टर और आचरेकर के शिष्य को सलाम।

नन्हा कद लेकिन आसमां छूने के इरादों को सलाम,

शालीनता और सभ्यता की मूरत और जेंटलमैन को सलाम।।

   

ओवर पिच बोल पर स्ट्रैट ड्राइव को सलाम,

अख्तर की गेंद पर थर्डमैन के ऊपर कट को सलाम।

शेन वार्न के सपनों में डराने को सलाम,

वकार और अकरम के खिलाफ कवर ड्राइव को सलाम।।

   

200 नॉट आउट और शतकों के शतक को सलाम,

टेस्ट में 10000 और वनडे में 16000 रनों को सलाम।।

हर प्रारूप में अर्धशतकों के अम्बार को सलाम,

स्टैट्स बुक के अनगिनत रिकार्ड बनाने को सलाम ।।

   

लता के लाल और भारत रत्न को सलाम,

क्रिकेटर ऑफ द ईयर के सिलसिले को सलाम ।

विज्डन और लॉर्ड्स ग्राउंड के शहंशाह को सलाम,

मैन आफ द मैच और सीरीज के खिताबों को सलाम।।

  

टीम इंडिया की नंबर 10 जर्सी को सलाम,

वो अनगिनत प्रशसंकों की भीड़ को सलाम।

वो सुधीर चौधरी के शंख और शरीर के पेंट को सलाम,

हर स्टेडियम में लोगो के प्यार  ‘सचिन सचिन…’ को सलाम


Copyright © 2017 – Jagdish Jat

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