Hindi Poem : हिंदुस्तान के लोग

Hindi Poem : ये क्या करते हैं हिंदुस्तान के लोग

ये क्या करते हैं  हिंदुस्तान के लोग,
अपनी तो पता नहीं, ओरों की गलतियां देखते हैं लोग ।
घर में एक पेड़ नहीं, फिर भी वन लगाने चलें हैं लोग,
खुद करते है भ्रष्टाचार, फिर भी भ्रष्टाचार मिटाने चले हैं लोग ॥

अपनी बेटी जो कांटो में फसी है, उसे नहीं उठाते हैं लोग,
ओर बेटी बचाओ आन्दोलन चलाते हैं लोग ।
अपने घर की बेटी को तो फेंक जाते हैं लोग,
ओर लड़का-लड़की एक समान का नारा लगाते हैं लोग ॥

अपनी गाय को तो कत्लखाने पहुँचाते हैं लोग,
ओर गाय बचाने का संदेश देते हैं लोग ।
गाय को अपनी माँ कहते हैं, ओर उसी माँ का मांस खाते हैं लोग,
अपने निज स्वार्थ के लिए,गाय को कत्लखाने पहुँचाते हैं लोग ।।

 

अपने कुटुंब तथा भाइयो के साथ रहने से कतराते हे लोग,
और ‘वसुधेव कुटुम्बकम’ का सन्देश देते हे लोग ।
गौ सेवा नहीं कर सकते पर गौ रक्षा के नाम पर जान लेते हे ये लोग ,
मां – बाप की सेवा न करके आज़ादी के लिए वृद्धाश्रम पहुंचाते है ये लोग  ॥

सन्नाटा की अन्य रचनाए पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

6 thoughts on “Hindi Poem : हिंदुस्तान के लोग

  • May 25, 2017 at 3:57 pm
    Permalink

    डंके की चोट पर आपने बात कही है । बहुत खूब

    Reply
    • May 25, 2017 at 4:27 pm
      Permalink

      धन्यवाद वैभव जी, सत्य कहने और सुनने में बहुत जिगर की जरूरत होती हैं और आप लोगो के प्रोत्साहन से सत्य लिखने की कोशिश कर रहा हूँ।

      Reply
    • May 25, 2017 at 10:06 pm
      Permalink

      धन्यवाद मधुसूदन जी,
      अन्य पोस्ट्स पर भी अपनी राय जरूर देवे।

      Reply
      • May 26, 2017 at 5:08 am
        Permalink

        जरूर—-आपने बहहत अच्छा लिखा है।मैं सिरियाली बढ़ता गया।

        Reply
        • May 26, 2017 at 8:00 am
          Permalink

          धन्यवाद, ऐसे ही प्रोत्साहित करते रहिये 👍

          Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: