Social Media पर सब ज्ञान बाँट रहे हे

जब से GST देश मे लागू किया है सभी लोग कोई न कोई social media पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं चाहे उन्हें टैक्स सिस्टम के बारे में उतना ही पता हो जितना ढिंचक पूजा को सुर-ताल के बारे में पता है। कुछ लोग सोशल मीडिया पर ऐसे ज्ञान बाँट रहे है जैसे वित्त मंत्रालय ने इन्ही की सलाह के बाद GST लागू किया है। वैसे भी हमारे देश में हर मुद्दे पर राय देना जरूरी है चाहे उस मुद्दे के बारे में पता हो या नही हो। सीरिया और यमन के युद्ध के हालातों को भारत-पाक युद्ध बता कर खूब रेवड़ियां बांटी जा रही है।

एक तरफ सेना के बारे में कुछ भी अनर्गल टिप्पणियां करना सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का जरिया बन गया है तो कुछ स्वघोषित धर्म के ठेकेदारों ने गौ रक्षा के नाम पर कानून हाथ मे लेकर इंसान के इंसानियत की हत्या कर रहे हैं। किसी भी धर्म या सम्प्रदाय की मान्यताओं या भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने की जबरदस्त आंधी चल रही हैं।

किसानों के मुद्दे जहाँ दलित राष्ट्रपति के सामने गौण हो गए और किसान आत्महत्या का सिलसिला रुकने का नाम नही ले रहा है। इस देश की भी गजब कहानी है जो बहुत अमीर है या जो बहुत गरीब है दोनों का खयाल रखने के लिए सरकार कोई कसर बाकी नही रखती हैं। दोनों वर्गों को संतुष्ट करने के लिए कभी लोन मुफ्त में बांटा जाता हैं तो कभी सारी रकम माफ कर दी जाती हैं।

मध्यमवर्गीय परिवारों की हालत गंभीर से खराब होती जा रही है, लोन के लिए बैंकों के चक्कर इन्हें काटने पड़ते हैं, टैक्स भी इन्हें ही देना है और उसी टैक्स के पैसे पर ये राजनेता गुलछर्रे उड़ाते हुए देश का मजाक बनाते हैं। इन परिवारों का अब लगता है भगवान के अलावा कोई नही हैं।

मुझे आज भी याद है जब मैने शिक्षा ऋण के लिए बैंक में आवेदन किया था जो कोई बुरे दुःस्वप्न से कम अनुभव नही रहा। पिताजी को बीमारी के बावजूद 3-4 चक्कर बैंक के कटवाए गए और जमीन के सारे कागजात रखने और 10 लोगो को गारंटी के तौर पर रखने के बाद शिक्षा ऋण दिया गया। वो अनुभव अनायास ही याद आ जाता है जब उसी बैंक के कर्मचारी क्रेडिट कार्ड या व्यक्तिगत ऋण लेने के लिए लगभग हर दिन फोन करना नही भूलते हैं।

सब जगह पर आम और खास की लंबी कतार लगी हुई है जहां आम आदमी खाने के जुगाड़ में अपनी जिंदगी खपा रहा है तो वही खास आदमी हर बार इंसानियत का मजाक उड़ाने में कोई कोर कसर बाकी नही रख रहा है।

अब तो हमने भगवान के दर्शन को भी बाँट दिया है , अगर VIP हो तो सिर्फ 2 घंटे में दर्शन हो जायेंगे नही तो सड़ते रहो 14-15 घंटे लाइन में । यह कहाँ का न्याय है , मंदिर प्रशासन व्यवस्था के नाम पर जो यह खेल रचता है उससे शायद भगवान खुद भी परेशान होते होंगे। आस्था और धर्म के नाम पर को आम लोगो को लूटा जा रहा है वो वाकई मानवता के लिए शर्मसार करने में कोई कसर बाकी नही रखी हुई हैं।

 

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