ज़िन्दगी (Zindagi) वो नहीं जो हम हर रोज़ जीते हैं

ज़िन्दगी वो नहीं जो हम हर रोज़ जीते हैं,
ज़िन्दगी वो है जो हमे हर रोज़ जीना सिखाती है।।

दिलेरी वो नहीं जो अपनो के लिए दिखाई जाए,
दिलेरी वो है जो दूसरों के हित के लिए अपनो को कुर्बान करती है।

खूबसूरती वो नहीं जो चेहरे पे छलकती है,
खूबसूरती वो है जो आँखों के नज़राने में बस्ती है।

अमीरी वो नहीं जो दौलत की होती है,
अमीरी वो है जो अपने विचारों से दूसरों के दिलों को रौशन करती हो।

प्रेम वो नहीं जो लफ़्ज़ों में बयाँ हो सके ,
प्रेम वो है जहाँ लफ़्ज़ों का अस्तित्व ही खो जाता है।

भक्ति वो नहीं जो किसी स्वार्थ के लिये की जाए,
भक्ति वो है जो स्वयं को समर्पित होना सिखाती है।

खामोशी वो नहीं जो होटों की चुपी हो,
खामोशी वो है जो मन के एकाग्रता को दर्शाती है।

ज़िन्दगी वो नहीं जो हम हर रोज़ जीते हैं,
ज़िन्दगी वो है जो हमे हर रोज़ जीना सिखाती है।।

 

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